
तमनार । जिंदल फाउंडेशन, जेपीएल तमनार द्वारा संचालित जिंदल चिल्ड्रन होम, तमनार समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग—मातृ-पितृ विहीन एवं जरूरतमंद बच्चों—के लिए आशा की मजबूत किरण बनकर उभर रहा है। यह संस्थान न केवल बच्चों को सुरक्षित आवास प्रदान कर रहा है, बल्कि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी निरंतर आगे बढ़ा रहा है।
वर्तमान में रायगढ़ सहित अन्य जिलों से आए 100 से अधिक बालक-बालिकाएं इस संस्थान में निवासरत हैं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अपने विद्यार्थी जीवन को संवार रहे हैं। यह संस्थान प्लांट एवं कोल खदान क्षेत्र के 53 गांवों के जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
जिंदल चिल्ड्रन होम में बच्चों को पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियां तथा नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जा रही है। संस्थान का उद्देश्य केवल आश्रय देना नहीं, बल्कि बच्चों को एक बेहतर और सशक्त भविष्य के लिए तैयार करना है।
इस विषय में जानकारी देते हुए श्री ऋषिकेश शर्मा, विभागाध्यक्ष, जिंदल फाउंडेशन, जेपीएल तमनार ने कहा कि संस्थान में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। अनुभवी शिक्षकों की देखरेख और कुशल नेतृत्व में बच्चों के मानसिक, शारीरिक एवं भावनात्मक विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यहां का वातावरण बच्चों को पारिवारिक स्नेह और सुरक्षा का एहसास कराता है।
संस्थान में निवासरत बच्चे शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका प्रदर्शन अन्य बच्चों की तुलना में सराहनीय रहा है।
स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों का भी मानना है कि जिंदल चिल्ड्रन होम, तमनार जरूरतमंद बच्चों के जीवन में नई उम्मीद और उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय कर रहा है। जिंदल फाउंडेशन की यह पहल समाज के अन्य वर्गों को भी प्रेरित करती है कि वे आगे आकर बच्चों के कल्याण में योगदान दें।
निस्संदेह, जिंदल चिल्ड्रन होम, तमनार मातृ-पितृ विहीन बच्चों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है और समाज निर्माण की दिशा में एक सराहनीय एवं स्तुत्य प्रयास है।



